आप कट लिये

ये क्या हाल है मेरे देश का
ये किस राह जा रह  देश मेरा

भ्रष्टाचार से लड़ाई है, ख्वाइश है इन्साफ़  की
फिर क्यूँ लिखे है माफ़ी नामे अफ़जल और कसाब की

सैकड़ो दिये जलाये निर्भया के अधिकार के लिये
फिर क्योँ उस अपराधी  को छोड़ा, केवल मानवाधिकार के लिये

बुद्धिजीव होने का है अभिमान, दे रहे है दोगला ज्ञान
ठोकर मारो ऐसा ज्ञान , हमे चाहिये नारी का सम्मान

आप का ही भरोसा था , आप को हम दिल दिये
इससे पेहले कि हमे होश आता , उसके पेहले ही आप कट लिये

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *